Hindi Shayari | किसी और से
Hindi Shayari | किसी और से
साथियों नमस्कार, Hindi Shayari का हम सभी के जीवन में एक खासा महत्त्व है| हम चाहे किसी ख़ुशी में हो या किसी गम में, चाहे हमें दुनियां से ढेर सारी मुहोब्बत मिली हो या फिर हम किसी गम के मारे हो… ज़िन्दगी के हर एक पल में “शायरी” का अपना एक महत्त्व है! आज हम आप सभी के लिए कुछ ऐसी ही चुनिन्दा शायरी लेकर आएं हैं…
Hindi Shayari | किसी और से
क्यों कहू तुझसे की ना करूँगा मुहोब्बत अब किसी और से ,
कहने को वेसे भी अब क्या रहा,जो बात करूँगा किसी और से
वक्त दर वक्त, लम्हा दर लम्हा गुज़रे जो ज़िन्दगी…
तेरी तरह, तेरे जैसे कोई लगा ले मुझे गले, क्या खुद जा के कह सकूँगा किसी और से ?
कहने को वेसे भी अब क्या रहा,जो बात करूँगा किसी और से
वक्त दर वक्त, लम्हा दर लम्हा गुज़रे जो ज़िन्दगी…
तेरी तरह, तेरे जैसे कोई लगा ले मुझे गले, क्या खुद जा के कह सकूँगा किसी और से ?
जा कह भी दू वैसा, जैसा तू करती थी मेरे लिए…
पर जो प्यार भरी बाते मेरे लब पे थी तेरे लिये, क्या वो जा के कह सकूँगा किसी और से ?
ना कर उम्मीद मेरे रोने और हसने की तेरे जाने के बाद,
तेरी बेवफाई की बाते क्या अब कर सकूँगा किसी और से ?
तेरी बेवफाई की बाते क्या अब कर सकूँगा किसी और से ?
में जानता हु तू अब भी प्यार करती हे मुझसे …
मेरे दिल की बाते क्या तेरे सिवा कह सकूँगा किसी और से ?
इंतजार हे उस वक्त का जब तू लौट आएगी…
तू लौट आएगी मेरी ज़िन्दगी मे फिर से क्या ये जा के कह सकूँगा किसी और से ?
तू लौट आएगी मेरी ज़िन्दगी मे फिर से क्या ये जा के कह सकूँगा किसी और से ?
copyright©hindishortstories.com
जिंदगी के रथ में लगाम बहुत है,
अपनों के अपनों पर इलज़ाम बहुत है…
ये शिकायतों का दौर देखता हूँ तो थम सा जाता हूँ,
लगता है उम्र कम है और इम्तिहान बहुत है!!
अपनों के अपनों पर इलज़ाम बहुत है…
ये शिकायतों का दौर देखता हूँ तो थम सा जाता हूँ,
लगता है उम्र कम है और इम्तिहान बहुत है!!
किसी की चंद गलती पर न कीजिये कोई फैसला,
बेशक कमियां होगी पर खूबियां भी तो होगी!!
बेशक कमियां होगी पर खूबियां भी तो होगी!!
ना डरा मुझे ऐ वक़्त,
नाकाम होगी तेरी हर कोशिशे…
ज़िन्दगी के मैदान में खड़ा हूँ,
दुआओं का काफिला लेकर!!
नाकाम होगी तेरी हर कोशिशे…
ज़िन्दगी के मैदान में खड़ा हूँ,
दुआओं का काफिला लेकर!!
ज़मीं पर रह कर आसमां को छूने की फितरत है मेरी,
पर किसी को गिरा कर, ऊपर उठने का शौक़ नहीं मुझे!!
पर किसी को गिरा कर, ऊपर उठने का शौक़ नहीं मुझे!!
दाम बहुत ऊँचे है खुशियों के,
दुनिया के वीराने में….
मुफ्त मिल जाता है तुमसे मिलकर सुकून,
मेरे खुशियों के पैमाने से!!
दुनिया के वीराने में….
मुफ्त मिल जाता है तुमसे मिलकर सुकून,
मेरे खुशियों के पैमाने से!!
वो पत्ता आवारा न बनता तो क्या करता,
न हवाओ ने बख्शा, न शाखों ने पनाह दी!!
न हवाओ ने बख्शा, न शाखों ने पनाह दी!!
हम उनसे तो लड़ लेंगे,
जो खुले आम दुश्मनी करते हैं…
लेकिन उनका क्या करे,
जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं!!
जो खुले आम दुश्मनी करते हैं…
लेकिन उनका क्या करे,
जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं!!
खुद को खो दिया हमने अपनो को पाते पाते,
और लोग पूछते है कोई तकलीफ तो नही!!
और लोग पूछते है कोई तकलीफ तो नही!!
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की,
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं…
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,
याद वही आते है जो उड़ जाते है!!
लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं…
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को,
याद वही आते है जो उड़ जाते है!!
सामने वाला गुस्से में है तो आप चुप रहिए,
वह थोड़ी देर बाद खुद चुप हो जाएगा!!
वह थोड़ी देर बाद खुद चुप हो जाएगा!!
Source:- Hindi Short Stories