सामाजिक कार्य में युवा आगे क्यों नहीं आता ?
सामाजिक कार्य में युवाओं के आगे नहीं आने के कई कारण हैं —
1.राठौर तेली समाज अपने सन्तानों व परिवारों को अपने संस्कार, सभ्यता व संस्कृति को नहीं बताता।
2. जिस समाज में बच्चों का निर्माण नहीं होता, उस समाज की उन्नत्ति संम्भव नहीं ।
3.बुजुर्ग लोग घिसी-पिटी परम्पराओं और रीति- रिवाजों को चला रहे हैं, जिसके कारण युवा समाज से दूर हो रहे हैं।
4.तेली समाज में जाति गत ब्राह्मणों को अत्यधिक महत्व देने की मूढ़ता विद्यमान है। अपनी जाति वाले स्वजातीय साधु-संत व जो ब्राम्हणों का कार्य करते हैं, उनकी उपेक्षा करते हैं ।
5.जातीय इतिहास अपने बच्चों को न सुनाना और बच्चों के निर्माण में अपना समय न देना ।
6. समाज द्वारा संचालित गति-विधियों में युवा वर्ग को न जोड़ना तथा युवा व बुजुर्गों में समन्वय का न होना ।
7. जिम्मेदारी के पद पर कुछ प्रतिष्ठित स्वार्थी लोगों के चलते युवा समाज से नहीं जुड़ते ।
8. अधिकांश भाईयों का ध्येय केवल पैसा कमाना है । जिसके चलते वे समाज को भूल जाते हैं। वे सिर्फ शादी के लिए समाज को ढूंढते हैं।
9. समाज में किसी से कोई गलती हो जाने पर समाज से बहिष्कार किया जाना तथा उन स्व-जातियों से दण्ड के रूप में अत्यधिक धन लेना।
10. महिला शक्ति के जागरण और व्यक्तित्व निर्माण हेतु कोई मुहिम न चलाना ।
11.शादी ब्याह पर अत्यधिक खर्च करना तथा आदर्श विवाह न करना ।
वर्तमान में हमारे लिए कर्तव्य यह है, कि "समाज में व्याप्त बुराई व कमियों को दूर कर स्वच्छ व निर्मल समाज के निर्माण में अपना योग दान दें। अधिक से अधिक महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों को समाज की गतिविधियों में शामिल करें।"
हम अपना दायित्व ठीक से निभायें तभी हम राठौर तेली समाज को आगे बढ़ा सकते हैं।
